रिफाइंड तेल खाना कितना घातक ?
रिफाइंड तेल से आकर्षण का कारण-
आजकल बाजारों में सैकड़ों तरह के रिफाइंड तेल बिकते हुए दिख जाते हैं, और हम लोग उसे खरीद कर खुशी-खुशी अपने घर लेकर आते हैं और उसका प्रयोग अपने खाने में करते हैं| इसका प्रमुख कारण यह होता है कि हम दिन भर टी.वी. में विज्ञापनों में इन रिफाइंड तेलों का इस्तेमाल होते हुए देखते रहते हैं| विज्ञापनों में यह दिखाया जाता है कि यह रिफाइंड तेल हमारे शरीर के लिए कितना पौष्टिक और आवश्यक होता है| परंतु शायद हम यह नहीं जानते कि इसका प्रयोग करना हमारे शरीर और स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक होता है|
रिफाइंड की प्रक्रिया -
रिफाइंड तेल को बनाने के लिए शुद्ध तेल को रिफाइंड या डबल रिफाइंड किया जाता है| रिफाइंड तेल बनाने के लिए शुद्ध तेल में 6-7 प्रकार के रसायनों का प्रयोग किया जाता है, जबकि इसे डबल रिफाइंड करने के लिए उसमें 12-13 प्रकार के रसायनों का प्रयोग किया जाता है| शुद्ध तेल में एक विशेष प्रकार की गंध होती है व वह थोड़ा चिपचिपा भी होता है, परंतु इस शुद्ध तेल को रिफाइंड करने के लिए उसमें से उसकी गंध और चिपचिपापन को दूर किया जाता है जिसके कारण यह किसी जहर से कम नहीं बन जाता| इसे प्यूरिफाई करने के लिए हेक्सेन नामक एक हानिकारक रसायन का प्रयोग किया जाता है| रिफाइंड तेल बनाने के लिए PUF(poly unsaturated fatty acid) पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड प्रक्रिया किया जाता है जिसे करना केवल उच्च ताप पर ही संभव होता है| परंतु शुद्ध तेल को जब उच्च ताप पर इन हानिकारक रसायनों को मिलाकर गर्म किया जाता है तो शुद्ध तेल एक हानिकारक रसायन में परिवर्तित हो जाता है जिसे रिफाइंड तेल कहा जाता है|
शुद्ध तेल की गंध व चिकनाई का कारण-
शुद्ध तेल में उपस्थित उसकी गंध उसमें पाए जाने वाले प्रोटीन के कारण होती है| परंतु जब शुद्ध तेल में से गंध को निकाल कर रिफाइंड किया जाता है तब उसमें प्रोटीन नहीं होती| अतः रिफाइंड तेल में प्रोटीन अनुपस्थित होती है जिसको खाने से हमें प्रोटीन नहीं मिलती|
सामान्य तेल में मौजूद चिकनाई में (fatty acid) फैटी एसिड होते हैं जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक होते हैं परंतु रिफाइनिंग प्रक्रिया में यह फैटी एसिड शुद्ध तेल से निकल जाते हैं|
रिफाइंड तेल खाने के हानिकारक प्रभाव-
रिफाइंड तेल खाने से घुटना व कमर दर्द, हृदयाघात, पैरालिसिस, ब्रेन डैमेज, हड्डी का दर्द आदि आदि अनेक प्रकार के रोग हो जाते हैं |
रिफाइंड तेल का विकल्प-
अतः हम लोग यह जान गए कि रिफाइंड तेल खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक होता है| अतः हमें रिफाइंड तेल का कभी भी सेवन नहीं करना चाहिए| इसके स्थान पर शुद्ध सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, सोयाबीन का तेल, नारियल का तेल, सूरजमुखी का तेल आदि का प्रयोग करना चाहिए| इन शुद्ध तेलों के इस्तेमाल से हमारे शरीर पर कोई भी हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है, परंतु रिफाइंड तेल खाने से हमारे शरीर पर अनेक हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं| अतः आज से हम यह ठान लें कि हम कभी भी रिफाइंड तेल का प्रयोग अपने खाने में नहीं करेंगे|
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